वायरल इन्फेक्शन से कैसे बचे आइए जानते हैं


prevention and control of infectious diseases
prevention
वायरल इनफेक्शन सबसे पहले तो वायरल इनफेक्शन को जान लेते हैं क्या होता  हैं वायरल इनफेक्शन  हवा पानी के जरिए फैलता है और यह इतनी तेजी से फैलता है कि इसे इतनी जल्दी नहीं रोका जा सकता जैसा कि आप लोगों ने देखा होगा कि कोई भी वायरस  वायरल होते हैं हाल ही में आपने
कोरोना वायरस
 के बारे में पढ़ा होगा क्योंकि हवा पानी के जरिए तेजी से चाइना में फैल चुका है और जहां पर लगभग 1000 से 1500 को की जान भी जा चुकी है और अभी भी कुछ लोग उस वायरस के संक्रमण के साथ जूझ रहे हैं और अब या वायरस और भी कई देशों में फैलने की आशंका है.
लेकिन इसे रोका जा रहा है और कहीं हद तक इसे रोक भी लिया गया है देश की सीमाओं पर चाइना से आने वाले चाइनीस या इंडियन के लोगों को देश की सीमा के बाहर ही इस वायरस के बारे में चेक कर लिया जाता है और अगर जो वह इस वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो उसे अंदर एंट्री नहीं दी जाती है क्योंकि या वायरस संक्रमित होता है और अगर या अंदर आ गया जो व्यक्ति इस वायरस के साथ संक्रमित है वह पब्लिक में आ गया तो या वायरस और भी लोगों को अपने वायरस से संक्रमित कर सकता है और कई लोगों को परेशान कर सकता है और या वायरस धीरे-धीरे ढलता ही जाएगा और अगर इसे पहले ही रोक लिया जाए समय के साथ तो इससे कई हद तक बचा भी जा सकता है चाइना जैसे विकासशील देशों में इस वायरस को जल्दी से जल्दी रोका गया है और इस वायरस से बचने के लिए चाइना ने 1 सप्ताह में लगभग 1000 बेड वाला एक नया अस्पताल भी बना लिया है चाइना की टेक्निकल पावर इतनी तेज है कि वह अन्य किसी देश के मुकाबले किसी भी काम को बखूबी बहुत जल्दी कर सकता है लेकिन चाइना भी ऐसे घातक वायरस के सामने कुछ नहीं कर पा रहा है .
prevention from corona virus
coronavirus

आपको यह जानकर खुशी होगी कि इस वायरस का असर फिलहाल अभी अपने इंडिया में नहीं है एक-दो केसेस कहीं-कहीं पाए गए हैं पर इसे समय के चलते इसे रोक लिया गया है और इसका इलाज हो चुका है भारत में खोलना वायरस का सबसे पहला केस केरल में पाया गया था वह यात्री हाल ही में चाइना से लौटकर आया था जो कोना वायरस से संक्रमित हो चुका था और जब उसकी जांच की गई तो वह उस वायरस से संक्रमित पाया गया मेडिकल टीम ने उसका तुरंत इलाज किया और फिर उसे इस घातक वायरस से बचाया गया।
 ऐसे में आप सभी लोग परेशान हो गए होंगे कि अगर यह वायरस हमारे यहां किसी भी को हो जाए तो हम कैसे बच सकेंगे आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अभी हम आपको बताएंगे कि आप इस संक्रमित रोग से कैसे बच सकते हैं क्यों किया वायरल है तो इसके उपाय भी हैं और जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि या हवा और पानी के जरिए भी फैलता है अगर आप हवा और पानी से अपने आप को संक्रमित होने से बचा लें तो कहीं हद तक लगभग आप किस वायरस से बचे रहेंगे इंडिया में बहुत सारे डॉ स्नेह इस वायरस के लिए अपना अपना मत दिया है और इस वायरस से लड़ने के लिए होम्योपैथी विदा बहुत अच्छे से काम कर रही हो और होम्योपैथी रेमेडीज के द्वारा इस वायरस से बहुत ही जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है और आपको यह जानकर खुशी होगी कि अगर आप अपने आप को वायरल इनफेक्शंस से बचा लें तो आपको इस वायरस या इस बीमारी से होने का कोई खतरा नहीं होगा तो आइए आगे जानते हैं कि इस वायरस से कैसे बचा जा सकता है।


बचने के उपाय


अगर बचने के उपाय के बारे में बात किया जाए तो या वायरस वायरल होते हैं और अगर हम अपने आप को वायरल संक्रमण से बचा ले तो कहीं हद तक हम इससे बच सकते हैं अगर आप खाना खाने जा रहे हैं तो लगभग 2 मिनट तक अपने हाथों को साबुन से रगड़ कर अच्छे से धुले और तभी खाना खाएं पानी फिल्टर वाला यूज़ करें और घर से कभी भी बाहर जाएं तो मुंह में मांस और हाथों में क्लब पहन कर ही जाएं मुंह में मार्क्स लगाना बहुत ही जरूरी है क्योंकि जहां आपको संक्रमित वायु से बचाएगा क्योंकि अगर आप वायु से बचे रहेंगे तो आप में इस वायरस के संक्रमण से बचने के बहुत ज्यादा मौके बढ़ जाते हैं और आप बचे रहते हैं अपने आसपास साफ सफाई रखें तथा अपने घर पर सफाई करवाएं और आसपास कहीं गंदगी न जमा होने दें कहीं भी बरसात का पानी न जमा होने दें और घर पर नियमित रूप से साफ सफाई का ध्यान रखें और खाना खाने से पहले हाथों को जरूर साफ करके अच्छे से धोएं जिससे कि आप इस वायरस से पा सकते हैं और इससे आपको किसी भी प्रकार का कोई भी इन्फेक्शन नहीं होगा या वह उपाय हैं जो आपको किसी भी प्रकार के चाहे वह वायरल हो या एंटी फंगल हो किसी प्रकार का भी कोई भी इंफेक्शन हो उससे आपको बचाएगा क्योंकि एंटीफंगल जैसे इनफेक्शंस भी ऐसे ही फैल जाते हैं और या एक दूसरे के संपर्क में आते ही किसी दूसरे के हो जाते हैं एंटीफंगल जैसे इन्फेक्शन जैसे कि सोरायसिस एंटी फंगल एंड कई और तरीके के डर्मेटाइटिस बीमारियां जो किसी भी व्यक्ति के संपर्क में होने से बढ़ जाते हैं अगर आपके परिवार में किसी भी व्यक्ति को सोरायसिस जैसी कोई बीमारी है तो आप इस बात का ध्यान रखें कि आप उस व्यक्ति के संपर्क में ना आएं और उसके किसी भी कपड़े या किसी भी चीज को नाच हुए क्योंकि उसमें इस फंगल इंफेक्शन के बढ़ने के मौके ज्यादा बढ़ जाते हैं।

सोरायसिस


सोरायसिस या एंटी फंगल इंफेक्शन है जो किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आने से बहुत जल्द तेजी से बढ़ता है अगर इसका नियमित रूप से सही तरीके से ध्यान से इसका इलाज किया जाए तो या ठीक होता है और किसी दूसरे के संपर्क में नहीं होता है अगर आपके परिवार में किसी को भी ऐसी बीमारी हैं तो आप उससे बच्चे उसके कपड़ों को हर हफ्ते गर्म पानी से धुले और उसके कपड़ों को किसी दूसरे को इस्तेमाल करने ना दे उसे नेचुरल तरीके से जैसे की नीम की पत्ती के पानी से साफ करें जहां पर यह इंफेक्शन हो और गरी का तेल और कपूर दोनों मिलाकर फंगल वाली जगह पर लगाएं जिससे कि या फंगल नहीं फैलता है। 
ऐसे फंगल इनफेक्शंस के होने के बाद से कारण होते हैं यह कारण जो अन्य आपको बताएं यह प्राइमरी रीजेंसी हो सकते हैं क्योंकि डर्मेटाइटिस इनफेक्शंस यह संपर्क में आने से तो फैलते ही हैं बल्कि अगर आपके डेली रूटीन के खान पियन में कोई समस्या होती है तो भी या इंफेक्शन होने के चांसेस होते हैं जैसे की डेली रूटीन में आपकी दिनचर्या में आपके पेट का साफ ना होना और कब्ज बनाएं रहना और अधिकतर आपका वसायुक्त भोजन का यूज करना अगर आप यह सब भी करते हैं
 तो भी कहीं हद तक यहां आपके ऐसी बीमारियों के होने के चांसेस बढ़ा देता है क्योंकि अगर आपको कब्ज रहती है तो भी आप में कब्ज के दौरान कई बीमारियां उत्पन्न होती हैं जैसे कि सर दर्द होना कमर दर्द होना और अगर आपका पेट साफ नहीं होता है तो आप में जैसे कि आप जैसी वाले जैसे कि मुंह में छाले पड़ना और दांतो की भी बीमारियां इससे होती हैं जैसे कि दांतों में कीड़े लगना और अप्थूस का होना यह बीमारी मुख्य रूप से आपके पेट से ही जन्म लेती है क्योंकि अगर आपका डेली रूटीन में पेट साफ नहीं होता है तो ऐसी बीमारियां बहुत जल्दी उत्पन्न होती हैं और आप इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं।

कोरोना वायरस के प्राइमरी लक्षण

कोई ना वायरस या वायरस है जिसने चाइना जैसे देशों में कई लोगों की जान ली और कई लोगों को अपनी चपेट में लेकर आगे भी परेशान कर रहा है और यह वायरस इतना घातक है कि धीरे-धीरे और भी कई जगहों पर फैल सकता है और फिर भी रहा है आइए जानते हैं इसके कुछ प्राइमरी लक्षण जो शुरुआती समय में आप में हो सकते हैं अगर आप में इस प्रकार के लक्षण पाए जाएं तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच कराएं और इससे बचे तो आइए जानते हैं क्या हैं प्राइमरी लक्षण-
-बुखार का आना
-खांसी आना
-हाथ पैर का दर्द होना
-किडनी फेलियर जिसके कारण मृत्यु हो जाना
बुखार और खांसी का आना या सबसे प्राइमरी लक्षण होता है और अगर आप में या लक्षण है और वह कई दिनों से है तो तुरंत किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाएं और इसकी जांच करवाएं जिससे कि आपको पता चल सके कि आप किस प्रकार के रोग से ग्रसित हैं और इससे तुरंत बचें।

फंगल इंफेक्शन से कैसे बचें

जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए आपको संपर्क में नहीं आना है क्योंकि अगर आप इस इंफेक्शन से ग्रसित किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो इस वायरस के फैलने के बहुत ज्यादा चांसेस बढ़ जाते हैं और वह  इंफेक्शन आप में बहुत जल्दी फैलता है। और आप भी इससे ग्रसित हो जाते हैं तो इन प्राइमरी बातों का ध्यान रखें और अपने आप को स्वस्थ और हल्दी बनाएं और फंगल इंफेक्शन या किसी भी प्रकार के वायरस से बचें अपने यहां साफ सफाई रखें और एक सच और सुंदर देश का निर्माण करें।