किसान है खतरे में देखिए कैसे 

किसान

अगर किसान के खतरे की बात की जाए तो आप देखेंगे कि उत्तर प्रदेश में लगभग लगभग हर एक जिले में किसानों की जमीने जर्जर होती जा रही हैं और जो जमीन उपजाऊ हैं वह भी धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही हैं इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि किसानों की मेहनत का फल ना मिलना उनकी फसल का जानवरों द्वारा मवेशियों द्वारा बर्बाद करना। 
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 फसल का जानवरों द्वारा मवेशियों द्वारा बर्बाद

किसान कर रहे हैं हत्या

किसान वह है जो लोगों को जीवन देता है अगर जो हुआ खुद ही अपना जीवन ले ले और आत्महत्या कर ले तो इसका प्रभाव सबसे ज्यादा समाज और समाज के लोगों पर ही पड़ेगा क्योंकि फसल के लिए बढ़ती समस्याओं को देखते हुए किसान जब अपनी फसल को अपनी आंखों के सामने बर्बाद होता हुआ देखता है और उसका कोई उपाय से नहीं मिलता है तो वह मजबूरन आत्म हत्या करने पर मजबूर हो जाता है यह घटना आए दिन बहुत सारे शहरों में होती ही रहती है किसान परेशान हैं और इसका कोई उपाय नहीं मिल पा रहा है हालांकि सरकार ने किसानों के लिए बहुत सारी योजनाएं दी हैं और उन योजनाओं के तहत लोगों को सुविधाएं भी दी जा रहे हैं लेकिन किसानों को उन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार किसानों के लिए हर साल बहुत सारी योजनाएं निकालती है जिसके तहत कुछ किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिलता है लेकिन कुछ ऐसे भी किसान होते हैं जिन्हें इनका लाभ नहीं मिल पाता है और वही लाभ से वंचित रह जाते हैं।
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 फसल का जानवरों द्वारा मवेशियों द्वारा बर्बाद

सरकार ने कृषि के ऊपर भी जोर दिया है 

सरकार ने कृषि के ऊपर भी जोर दिया है और कृषि के लिए किसानों को प्रशिक्षित भी कर रहे हैं ताकि वह टेक्निकली कैसे अपनी फसल को उगाएं और अच्छा लाभ और अच्छी फसल उगाएं किसानों के लिए सरकार ने इन सारी व्यवस्थाएं की हैं।


गांव के लोगों को मिल रहा है रोजगार

गांव के लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा यही होता है कि कैसे वह अपने परिवार का पालन पोषण करें और एक अच्छी और व्यवस्थित जिंदगी जिए क्योंकि गांव में शहर के मुकाबले इतनी सुविधाएं नहीं होती हैं कि लोग अपनी जिंदगी एक अच्छे परिवार की तरह और एक अच्छी जिंदगी जी सकें इन सभी समस्याओं को देखते हुए भारत सरकार किसानों के लिए बहुत सारी योजनाओं के तहत नौ युवकों तथा किसानों को कृषि के प्रति प्रशिक्षण करती है और उन्हें सिखाती है कि कैसे वाह टेक्निकली खेती करें और अपना और अपने गांव का नाम रोशन करें
और अपने परिवार का कैसे इस खेती कर कर पालन-पोषण करें क्योंकि खेती ऐसा साधन है जिससे हर एक व्यापार किया जा सकता है और कहीं ना कहीं हर एक व्यापारी की शुरुआत खेती से ही स्टार्ट होती है तो सरकार ने खेती के ऊपर सबसे ज्यादा जोर देते हुए किसानों के लिए बहुत सारी योजनाएं निकाली है जिनका लगभग लगभग किसानों को लाभ भी मिल रहा है।
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बाराबंकी लखनऊ जैसे शहरों में देख सकते हैं जो किसान खेती कर रहे हैं व खेती करने से डर रहे हैं क्योंकि मवेशी इतने बढ़ चुके हैं कि किसान अपनी खेती को सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं 

यह सब आप उत्तर प्रदेश में बाराबंकी लखनऊ जैसे शहरों में देख सकते हैं जो किसान खेती कर रहे हैं व खेती करने से डर रहे हैं क्योंकि मवेशी इतने बढ़ चुके हैं कि किसान अपनी खेती को सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं जो फसल उन्होंने की है वह भी सुरक्षित नहीं है और जो फसल करने वाले हैं वह भी सुरक्षित नहीं होगी इसका सबसे बड़ा कारण लोग उत्तर प्रदेश की सरकार पर ठोकते हैं लेकिन यह यह समस्या का समाधान सरकार कर रही है काफी हद तक सरकार ने इस समस्या का समाधान किया है
और मवेशियों के लिए उनके रहने खाने के लिए और सुरक्षा के साथ इंतजाम किया है लेकिन फिर भी लखनऊ जैसे बहुत सारे गांव में अभी सुरक्षा का प्रबंध नहीं किया गया है और लोग मवेशियों के आतंक से परेशान हैं दिन प्रतिदिन किसान इन मवेशियों के डर से अपनी फसल को कैसे बचाया जा सकता है परेशान हैं और सरकार से वह यह उम्मीद रखता है कि सरकार इसका कोई ना कोई हल निकाले और हमें इन मवेशियों से छुटकारा दें इसका सबसे बड़ा असर तब देखने को मिला जब उत्तर प्रदेश में योगी जी की सरकार आई योगी जी की सरकार के आते ही गौ हत्या जैसे काम ऊपर रोक लगा दिया गया जिससे कि कसाईबाड़ा और ऐसे काम करने वाले कई स्थानों को बंद कर दिया गया था जिससे कि धीरे-धीरे यह आंकड़ा बढ़ता ही गया और आज लोग अपने जानवरों को छोड़ देते हैं वही आगे चलकर मवेशी बन जाते हैं और उन्हीं लोगों को परेशान कर रहे हैं।

मवेशियों की हत्या पर रोक


मवेशियों की हत्या पर रोक के लिए अगर योगी जी के सरकार की बात की जाए तो उन्होंने बे या सही किया क्योंकि हमारे भारत में गाय को हम लोग अपनी माता समझते हैं और नंदी महाराज को देवता और उनकी पूजा की जाती है तो कोई कैसे उनकी हत्या कर सकता है हमारे संस्कृति के अनुसार उनकी हत्या नहीं करनी चाहिए और यही करते हुए योगी सरकार ने बहुत बढ़िया कदम उठाया लेकिन यह कदम किसानों के लिए कैसे हानिकारक साबित होगा इसके बारे में नहीं सोचा गया जो आज किसानों को परेशान कर रहा है और किसानों के अस्तित्व को धीरे धीरे संकट मिला रहा है.
 जब फसलें नहीं होंगी किसान खेती नहीं करेगा तो लोग क्या खाएंगे इसका सबसे बड़ा असर देश की अर्थव्यवस्था पर ही पड़ेगा क्योंकि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उस देश के नागरिकों और किसानों से जुड़ी होती है किसान जब खेती करता है अनाज उगाता है तो लोगों को जीवन देता है अनाज देता है और देश का नागरिक और एक सच्चा किसान होने का अपना कर्तव्य निभाता है.
 लेकिन फिर भी किसानों की इन समस्याओं पर अगर किसी भी प्रकार का कोई एक्शन ना लिया जाए तो किसान खेती नहीं करेंगे।क्योंकि मवेशियों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि उन्हें रोका नहीं जा पा रहा है किसान रात दिन परेशान हैं और अपनी फसल की रक्षा कर रहा है।


ऐसे कर रहे हैं मवेशी नुकसान


मवेशी किसानों की फसल कैसे नुकसान कर रहे हैं जैसे उन्हें कोई वहां पर छोड़ गया हो क्योंकि इन मवेशियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वह लगभग लगभग एक खेत में जाते हैं 100 से डेढ़ सौ टोलियां बनाकर और उस खेत को जड़ से खत्म कर देते हैं जिससे कि किसान परेशान हैं
 कई किसानों ने तो इन मवेशियों से परेशान होकर सरकार को सबक सिखाने और परेशान होकर हत्या भी कर ली है हमारे देश में किसानों की बहुत सारी समस्याएं हैं इनका निवारण सरकार को करना ही चाहिए किसानों की समस्याओं को समझना ही चाहिए।

किसान वहां भूमिका है जिसे हर कोई नहीं निभा सकता किसान से ही सब है क्योंकि हर एक व्यक्ति किसान पर ही निर्भर है अगर किसान अनाज ना हो गए खेती ना करें तो नहीं क्या धरती चलेगी और ना ही धरती पर रहने वाले लोग इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि किसान ही है जो लोगों को अभी तक और आने वाले समय में स्वस्थ और जीवन दे सकता है क्योंकि अगर कृषि क्षेत्र की बात की जाए तो कृषि क्षेत्र में आप पाएंगे कि हर एक व्यक्ति लगभग लगभग खेती पर निर्भर नहीं रहता क्योंकि जो लोग शहर में रहते हैं या जो लोग खेती बाड़ी नहीं करते हैं वह लोग अनाज कहां से लाते हैं उन्हें या अनाज कहीं ना कहीं से लेना ही पड़ता है और यह ना आता कहां से है.
 वह अनाज एक किसान ही पैदा करता है अपनी मेहनत लगन और खून पसीने से खेती करके और ऐसे में अगर जो किसानों की फसल में दिक्कत आ जाए
अगर खेती ही ना हो तो किसान कैसे सुरक्षित रह सकता है ना ही किसान सुरक्षित रहेगा और ना ही इससे जुड़े लोग शहरी हो या गांव के लोग हर एक व्यक्ति का संबंध कृषि से ही है क्योंकि अगर आप आज नौकरी या व्यापार कर रहे हैं आपके पूर्वज जो कल थे या उनके भी पूर्वज किसान ही होंगे या बात सही है और अगर आप या नहीं मानते हैं तो अपने पूर्वजों से पूछिए अब वह भी ना रहे हो तो उनके पूर्वजों से पूछिए या आंकड़ा धीरे-धीरे आकर कृषि पर ही रुकेगा और अंत में आप पाएंगे कि आप कृषि से ही संबंध रखते हैं ऐसे में आप सभी लोगों को किसानों की समस्याओं का हल ढूंढना चाहिए उनकी समस्याओं को समझना चाहिए
हर एक व्यक्ति को किसानों की इन समस्याओं के समाधान के बारे में सोचना चाहिए और इन समस्याओं का निवारण करना चाहिए।