देखिए कैसे अभिनेता आमिर खान देश के विकास में निभा रहे हैं अपनी भूमिका

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देखिए कैसे अभिनेता आमिर खान देश के विकास में निभा रहे हैं 

अभिनेता श्री आमिर खान जी की बात की जाए तो ज्यादातर लोग इनको एक अभिनेता के रूप में ही जानते हैं लेकिन क्या आपको पता है की आमिर खान जी अभिनेता होने के साथ-साथ देश के विकास कार्यों में भी अपनी बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं वाह जैसे हर एक फिल्म के किरदार में अपनी बखूबी नो भूमिका निभाते हैं वैसे ही देश का एक सच्चा नागरिक होने के कारण तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनके अपने देश और अपने देश के लोगों को देखते हुए इन्होंने वाटर फाउंडेशन जिसे सत्यमेव जयते वाटर कप के नाम से भी जाना जाता है या एक संस्था है जो कि अभिनेता  आमिर खान जी द्वारा इसे लोगों के हित के लिए इस संस्था के तहत लोगों के लिए काम किया गया।

क्या है वाटर फाउंडेशन


देखिए कैसे अभिनेता आमिर खान देश के विकास में निभा रहे हैं अपनी भूमिका
paani foundation


Water foundation

  जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि इस संस्था का विकास पानी को लेकर किया गया है हमारे देश में बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां पर अत्यधिक बारिश होती है और इतनी ज्यादा बारिश होती है कि लोग उस बारिश से परेशान हो जाते हैं परेशान होने के बावजूद कई लोगों को इससे अत्यधिक नुकसान अत्यधिक परेशानियां जनहानि तथा कई प्रकार के नुकसान हो जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है हमारे देश में कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां पर बारिश नहीं है जहां पर पानी का स्तर बहुत ज्यादा कम है और लोगों में पानी को लेकर बहुत सारी समस्याएं हैं लोगों को कोसो मिलो दोष पानी की समस्या को लेकर अपने परिवार के लिए जाना पड़ता है और वह प्रतिदिन इस समस्याओं को झेल रहे हैं क्या आपको पता है हमारे देश में जहां पर पानी का स्तर बहुत कम है और वहां पर लोगों के लिए पानी सरकारी बैंकों द्वारा भिजवा जाता है अगर जिस सहेली स्तर पर बात किया जाए तो लोगों में समझ होती है और वहां पर सुविधाएं भी होते हैं तो शहरी लोगों को उस प्रकार की समस्या नहीं होती जो हमारे गांव के गरीब किसानों मजदूरों और ग्राम वासियों को होती है जहां पर सूखा पड़ा है खेती नहीं हो रही है और जानवर मर रहे हैं जीव-जंतु पेड़-पौधे कुछ भी नहीं है।
paani organization
paani foundation 

 वहां का वातावरण और हवा की नमी भी सब बेकार है लोग प्रतिदिन  ऐसी समस्याओं को झेल रहे हैं ।
अगर गांव के लोगों को लेकर पानी की समस्या पर बात किया जाए तो जैसा कि आप जानते हैं गांव में शिक्षा का अभाव होता है गांव में जो पढ़े लिखे लोग होते हैं वह हमेशा शहर की ओर ही भरते हैं और जो अनपढ़ होते हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होते हैं वह हमेशा अपने गांव के बारे में ही सोचते हैं और वहीं पर रहकर खेती-बाड़ी करते हैं लेकिन जरा सोचिए जिसके पास मात्र एक साधन यही है कि कुछ नहीं करना बस खेती करनी है तो अगर उसके पास वह खेती करने के लिए ही ना हो तो क्या करेगा जो उसकी आय का भी साधन है ना पीने के लिए पानी ना खाने के लिए खाना जब पानी ही नहीं होगा तो ना आना जाएगा ना फल सब्जी ना पेड़ पौधे कुछ नहीं होगा तो लोग क्या खाएंगे लोगों में भुखमरी शुरू हो जाएगी चाहे जितना पढ़ा लिखा आदमी हो भाभी अचानक से खाना देखकर अनपढ़ों की तरह वह भी झपट पड़ेगा क्योंकि भूख एक ऐसा सच है जिसे कुछ समय तक दबाया जा सकता है लेकिन चुटकुला या नहीं जा सकता ऐसी समस्याएं हमारे देश के 1 राज्य महाराष्ट्र में हैं जहां पर अभी भी इतनी गरीबी है कि लोग ऐसी समस्याओं से लड़ रहे हैं प्रतिदिन इन समस्याओं से उबर रहे हैं महाराष्ट्र के लगभग 1000 गांव ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं आपको बता दें आपको यह जानकर बहुत ही दुख होगा कि महाराष्ट्र के कुछ गांव में जहां पर पीने के लिए पानी नहीं होता था सरकारी टैंकर तथा पानी देने के लिए वहां पर जब बच्चे एकदम से पानी को देख जानवरों की तरह झपट पड़ते थे
PAANI AMEERKHAN ORGANIZATION
PAANI

 तो ऐसे में कई बच्चों की जान भी गई सिर्फ और सिर्फ  इस पानी की कमी से भैया हादसा एक बार नहीं कई बार और बहुत सारे गांव में हो चुका है और उनके परिवार को बहुत ही ज्यादा उनके प्रिय जनों को ऐसे मरता देख तो हुआ लेकिन ऐसी समस्याएं हमारे देश में अभी भी हैं लोग भुखमरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

 अभिनेता आमिर खान देश के विकास में निभा रहे हैं अपनी भूमिका


ऐसी समस्याओं को देखते हुए आमिर खान जीने इन लोगों की समस्याओं को समझा और एक महान व्यक्ति देश का जिम्मेदार नागरिक और एक महान अभिनेता होने के कारण उन्होंने इन लोगों की समस्याओं को समझा और उसका हल निकालते हुए उन्होंने गांव के लोगो के पास जाकर लोगों की समस्याएं सुनी और उनके समाधान के बारे में सोचा उन्होंने भुखमरी और जनहानि बच्चों का मरना पानी के लिए लोगों का इधर उधर दौड़ना चोट खाना महिलाओं का कोसों दूर पानी लेने जाना पेड़ पौधे ना होना जानवरों का मरना ऐसी कई समस्याओं को मुझे समझा और इसे खुद के बल पर इन समस्याओं का हल निकालते हुए वाटर फाउंडेशन सत्यमेव जयते वाटर कप स्पर्धा संस्था का आयोजन किया इस संस्था के अंतर्गत महाराष्ट्र के कई ऐसे गांव हैं जहां पर पानी की समस्याओं को समझा गया और उन समस्याओं का हल निकालते हुए लोगों को उन समस्याओं का हल दिया गया यह फाउंडेशन 2016 में आमिर खान और उनकी पत्नी के द्वारा इस संस्था का आयोजन किया गया इस संस्था के तहत लगभग 1000 गांव को पानी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाया गया है और उनकी समस्याओं को हल किया गया 2016 में इस योजना के तहत 116 गांव को कवर किया गया था तथा 2017 में 1321 और 2018 में 4025 गांव को इस योजना के तहत उनकी समस्याओं का निवारण किया गया


कैसे काम करती है यह संस्था


इस योजना का काम लोगों का हित करना ही है या एक ऐसी योजना है जिसे आप किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं कह सकते क्योंकि या लोगों के हित के लिए कदम उठाया जा रहा है जैसा कि आमिर खान जी ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि हम इस योजना के तहत लोगों को जागरूक कर सकते हैं क्योंकि इंसान अपनी मदद चयन कर सकता है कोई भी लीडर या कोई भी बड़ा आदमी पूरे देश की समस्याओं को हल नहीं कर सकता इसीलिए हमें खुद काबिल बनना पड़ेगा और अपनी जिम्मेदारियों अपनी समस्याओं का हल स्वयं ढूंढना पड़ेगा
 .
उन्होंने कहा कि हम अपने इस योजना से लोगों को टेक्निकली और रिसोर्सेज के द्वारा लोगों को बताएंगे कि कैसे पानी को बचाया जा सकता है और उन्हें पानी की समस्या के लिए जागरूक करेंगे और उन्हें प्रशिक्षित करेंगे क्योंकि पानी की समस्या मानव निर्मित ही है अगर मनुष्य इस समस्या का हल चाहता है तो उसे स्वयं पानी को बचाने के लिए कदम उठाना पड़ेगा और इस समस्या से लड़ना पड़ेगा इस समस्या का हल यही है कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा गांव के लोगों को इस समस्या के बारे में जागरूक किया जाए .
 इस समस्या से कैसे निपटना है या सिखाया जाए क्योंकि अगर हर एक गांव का एक आदमी सिर्फ इस समस्या के लिए जागरूक हो जाए और जान जाएगी कैसे हमें इस समस्या से निपटना है कैसे हम प्रशिक्षित होकर के पानी को बजा सकते हैं क्योंकि आमिर खान जी ने कहा है कि लोगों को पानी के प्रशिक्षण के दौरान हम उन्हें यह सिखाएंगे कि पानी को कैसे बचाना है पानी को धरती के ऊपर नहीं रखना है पानी के स्तर को कैसे ऊपर लाया जाए क्योंकि अगर पानी का स्तर ऊपर आ गया तो सूखा जैसी हर एक समस्या का निवारण बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। 
पानी फाउंडेशन का आयोजन 2016 में आमिर खान और उनकी पत्नी किरण राव द्वारा आयोजित किया गया था जिन्होंने अपने टीवी सीरीज सत्यमेव जयते के अनुसार लोगों को इस पानी जैसी समस्याओं के बारे में जागरूक करते हुए गांव की समस्याओं को लेकर देश के हर एक कोने तक गांव की समस्याओं महाराष्ट्र के लोगों की बात पहुंचाई और उनकी समस्याओं को खुद समझा उन्होंने अपने सत्यमेव जयते एपिसोड में गांव के लोगों की समस्याओं को बखूबी बताया है जिनके लगभग 12 एपिसोड हैं जिन्हें आप देख सकते हैं और आपको देखना भी चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने उन एपिसोड्स में लोगों की समस्याओं का बहुत ही अच्छा विवरण दिया है इस फाउंडेशन में अगर फंड्स की बात की जाए तो मुख्य रूप से आमिर खान जी ने ही इस फाउंडेशन में अपना योगदान दिया है तथा रतन टाटा जैसे रिलायंस फाउंडेशन और भी ऐसी कई ऑर्गनाइजेशन ने अपना इसमें योगदान दिया है।

पानी ने किया किसानों की समस्याओं का हल

महाराष्ट्र के किसानों की सबसे बड़ी समस्या हल ही थी जो आज फल बन चुकी है पानी की समस्या के चलते महाराष्ट्र के हजारों गांव में सूखा पड़ने के कारण किसान ना तो खेती कर पा रहे थे नाही कुछ और और उन्हें गरीबी भुखमरी और भी कई प्रकार की परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा था लेकिन 2016 के बाद पानी फाउंडेशन ने इनकी समस्याओं का निवारण एक भगवान के रूप में किया और जहां पर सूखी मिट्टी के अलावा कुछ नहीं हो पा रहा था कुएं सूखे पड़े थे नलों से पानी नहीं आ रहा था कुछ नहीं हो पा रहा था लोग काम करने के लिए शहर जा रहे थे गांव छोड़ छोड़ कर जानवर मर रहे थे पेड़ पौधे नहीं उग रहे थे और भी कई प्रकार की परेशानियां हो रही थी लेकिन जब पानी ने इनकी समस्याओं को समझा और इनके गांव के लोगों को पानी की समस्या को लेकर पानी फाउंडेशन का आयोजन करते हुए पानी फाउंडेशन के तहत लोगों को टेक्निकली प्रशिक्षित करके पानी जैसी समस्याओं से उबरने के लिए प्रशिक्षित किया और लोगों को सिखाया कि कैसे आप बरसात के पानी को बचाकर के अपने धरती के पानी के स्तर को ऊपर ला सकते हैं क्योंकि हमारी इस ब्लू अर्थ में पानी की मात्रा धरती के मात्रा के अनुसार बहुत ज्यादा है इसका आंकड़ा लगभग 70 परसेंट पानी और 30 परसेंट धरती से लगाया जा सकता है ऐसी ही बातों को समझाते हुए पानी ऑर्गनाइजेशन ने महाराष्ट्र के गांव के लोगों को अच्छे से प्रशिक्षित किया और महाराष्ट्र के गांव के लोगों ने भी अपनी समस्याओं से निपटने के लिए पानी फाउंडेशन की इस प्रशिक्षण को सीखा .
 एक ही साल में पानी जैसी समस्या से वह बताएं और हंसी खुशी हरियाली आ गई उनके गांव में जहां सूखा पड़ा था वहां पर खेती होने लगी और जहां रोजगार नहीं था वहां पर रोजगार हो गया लगभग लगभग उनकी सारी परेशानियां पानी से ही थी और सी समस्या का समाधान हो गया क्योंकि मनुष्य की शुरुआत पानी से ही होती है जल ही जीवन है जल के बिना कुछ नहीं पानी है तो जीवन है।
पानी फाउंडेशन ने महाराष्ट्र के लोगो के लिए बहुत ही अच्छा काम किया है और अभी भी वह इसे और भी बेहतर बनाते जा रहे हैं और महाराष्ट्र के लोग भी जो कल तक पानी जैसी समस्याओं से गुजर रहे थे और परेशान थे वह आज हंसी खुशी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और अपने गांव में खेती खेती करके तथा और भी प्रकार से अपने गांव तथा परिवार का पालन पोषण अच्छे से कर रहे हैं।