जानिए एक गिलास जीरे का पानी कैसे  आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है

JEERA WATER
जानिए एक गिलास जीरे का पानी कैसे  आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है  

अगर जीरे की बात की जाए तो आमतौर पर इसका उपयोग लोग अपने खान पियन में रसोई में कुछ बनाने के लिए उपयोग करते हैं लेकिन क्या आपको पता है यह एक आयुर्वेदा के अनुसार एक औषधि भी है जो हमारे शरीर के लिए कई प्रकार से  फायदेमंद है इसी तरह हम आपको आज बताने जा रहे हैं कि अगर आप इसका प्रतिदिन एक गिलास जीरे का पानी सेवन करेंगे तो यह कैसे आपके शरीर के लिए फायदेमंद होगा और आप कई रोगों से बच पाएंगे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और आप में रोगों से लड़ने के लिए वह ताकत होगी जिससे कि कोई भी वायरस बैक्टीरिया आपके आसपास नहीं आएगा और आप एक स्वस्थ जीवन जिएंगे और हमेशा स्वस्थ रहेंगे तो आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है और यह क्या होता है चलिए शुरू करते हैं।

आयुर्वेद


आयुर्वेद के अनुसार जीरा एक औषधि है जैसा कि हमने पहले अभी आपको बताया कि जो कि हमारे शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है और यह हमारे शरीर के लिए हमारे पाचन तंत्र पर मुख्य रूप से काम करता है अगर इसका सेवन सुबह खाली पेट किया जाए तो मुख्य रूप से यह हमारे पाचन तंत्र को ठीक करता है क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को कई रोगों से दूर करते हैं इसमें प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट विटामिन ए आयरन  फास्फोरस विटामिन बी जैसे तत्व पाए जाते हैं तथा   यह एंटी ऑक्सीडेंट विटामिंस और मिनरल्स का मिश्रण होता है और इसका काम मुख्य रूप से हमारे पाचन तंत्र पर ही काम करता है क्योंकि अगर आप का पाचन तंत्र सही होगा तो आप हर एक रोग से मुक्त रहेंगे क्योंकि मुख्य रूप से देखा जाए तो हमारे शरीर में कोई भी समस्या हमारे पेट से ही शुरू होती है अगर आपका डेली रूटीन में पेट साफ नहीं रहता है तो आप में कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं जैसे कि गैस बनना सर दर्द होना मुंह में छाले पड़ना कमर दर्द होना और भी कई प्रकार की बीमारियां होती हैं और आप इन बीमारियों से धीरे-धीरे परेशान होते जाते हैं पाचन तंत्र शरीर का वह मुख्य भाग है जो हमारे शरीर को एनर्जी देता है और आप एक स्वस्थ जीवन जीते हैं। आइए  जानते हैं कि एक गिलास जीरे का पानी कैसे आपको बुखार  से राहत दिलाता है।

बुखार होने पर 



अगर आपको कई दिनों से बुखार आ रहा है और आप इस जोरदार ज्वर से बहुत दिनों से परेशान हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब हम आपको वह बताने जा रहे हैं जो आयुर्वेदा के अनुसार आपके हर एक समस्या का निवारण लगभग लगभग कर देगा अगर जो आपको बुखार कई दिनों से आ जाए तो आपको जीरे और  आंवले का चूर्ण और  मूंग की दाल में मिलाकर खाने से आपके शरीर की जलन दूर होती है और और आध्यात्मिक रूप से यह एसिडिटी को भी दूर करता है।आइए अब जानते हैं कि यहा कैसे पाचन तंत्र को और भी ज्यादा बेहतर बनाता है

पाचन तंत्र को कैसे बेहतर बनाएं



जैसा कि पहले आपने पढ़ा और हमने बताया की पाचन तंत्र पर कैसे जीरे का असर होता है और यह कैसे आपके रोगों का निवारण करता है गैस व अपच होने पर जीरे के पानी में सेंधा नमक 5 से 6 काली मिर्च भुनी हींग मिश्री और नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए जिससे कि इसका सीधा असर आपके पाचन तंत्र पर होता है और आपको गैस जैसी समस्याओं से तुरंत निवारण देता है। 

जब खाना खाने का मन ना करें



अगर आप खाना ना खाने की समस्या से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि आप यहां तक आ चुके हैं जहां पर आप की समस्या का निवारण होने वाला है तो आइए जानते हैं कि कैसे यह जीरा आपकी इस समस्या का निवारण करता है और आपकी खाने के प्रति रुचि बढ़ाता है । जब आप खाना खाने जा रहे हैं तो उससे एक घंटा पहले आपको एक गिलास जीरे के पानी के साथ अनारदाना और किशमिश मिला करके पीना है और आपकी समस्याओं का निवारण जल्द से जल्द होगा। 

आंख और सिर दर्द जैसी समस्याओं में



अगर आप और सर दर्द जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो या रामबाण इलाज आपकी इस समस्या का भी निवारण करेगा आपको क्या करना है कि जीरे को पीसकर पानी में मिलाने के बाद उसे उबाल लें और उबालने के बाद उसे अपने आप ठंडा होने दें ठंडा होने के बाद अपनी आंखें उस पानी से धो लें जिससे कि आपकी आंखों की जलन दूर होती है। जल में सुहागे की बसम मिलाकर पीने से अथवा आंखें धोने से यह आपकी आंखों की रेटिना पर असर करता है और आपकी रेटिना सही होती है। तथा इसे पानी के साथ पीस के सर में लगाने से आपका सर दर्द दूर होता है।

प्यास मिटाने में 



  इस आयुर्वेदिक औषधि को यानी कि जीरे को प्यास लगने में आपको एक गिलास जीरे के पानी में पित्त पापड़ा लॉन्ग छोटी इलायची मिलाकर पीने से आप की प्यास दूर होती है। इसमें नींबू का रस में शहद मिलाकर पी सकते हैं इससे भी  आप की प्यास भी होती है और नीम की पत्ती और शहद मिलाकर भी आप भी सकते हैं इससे भी आपकी प्यास बुझाती है।

हृदय की समस्याओं से निवारण में



शहद और gilo का रस मिलाकर पीने से उल्टी दस्त और पेट की कब्ज और पेट की अफरा-तफरी जैसी समस्याओं से तुरंत आराम मिलता है। अरंडी के तेल में भुनी हुई छोटी हरड़ अर्जुन का चूर्ण मुलेठी इमली भुना जीरा और सेंधा काला नमक मिलाकर पिलाने से रोगी को हृदय और उदय जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

लीवर ,पथरी और पीलिया में



लीवर की पथरी और इसी के चलते हुए पेशाब का सही से ना होना रुकना तब अगर जीरे का मिश्रण पिलाया जाए तो आपकी पेशाब रुकने की समस्या से राहत मिलती है। इससे आपकी पत्नी धीरे-धीरे आपकी पेशाब के जरिए टूट कर निकल जाती है। सूखे हुए आलूबुखारा को जीरे के पानी में काला नमक पिपरी और बोना सफेद जीरा मिलाकर सेवन करने से पीलिया और पेशाब लीवर की पथरी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

कई तरह के जहर को दूर करता है यह जीरा



यूं तो जीरा एक रसोई की सामग्री है लेकिन आपको यह जानकर खुशी हो रही होगी कि आपके शरीर पर किस तरीके से और कितने प्रकार से काम करता है यह एक रोग निवारक और antidote भी है जब आपको कोई राह चलते हुए कुत्ता काट ले तब आपको एक गिलास जीरे के पानी में काली मिर्च मिलाकर पीने से कुत्ते का भी उतर जाता है। जीरा नमक पीसकर तथा उसी के साथ शहद मिलाकर हल्का गर्म कर कर बिच्छू काटे तब वहां पर लगाएं इससे भी बिच्छू का जहर उतर जाता है।

वात पित्त कफ में असरदार



हावड़ा काली मिर्च तथा कमल के फूल का चूर्ण लाल चंदन वा मुनक्का मिलाकर रोग दूर होता है
जीरे के जल में कोठे काला नमक बुनी हरण मिश्री और समुंदरी नमक मिलाकर पिलाने से वायु रोग दूर होते हैं और आपको राहत मिलती है।
जीरे के जल में गर्म लोध तेजपत्ता बड़ी हरड़ का चूर्ण सोंठ कालीमिर्च पिपरी के साथ जॉब का सार मिलाकर खांसी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

खुजली में



अगर आप खुजली जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो भी यह जीरा आपके लिए असरदार हो सकता है जीरा पानी के साथ उबालकर नहाने से आपकी किसी भी प्रकार की खुजली और  skin की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
तथा इससे पेट के कीड़े भी खत्म होते हैं।